Posts

Showing posts from February, 2025

* कृष्ण गीत *

------------ अब कै माधव मोहे उबारो  पतितनि में विख्यात पतित मैं  पावन नाम तिहारो.... अब कै माधव मोहे उबारो | भटकी नैया, न मिले किनारा  दासन को दे कौन सहारा  विनती अब स्वीकारो.... अब कै माधव मोहे उबारो | मोह जाल में मन भरमाया   कंटक पथ, छाया अँधियारा  दीनन को उद्धारो.... अब कै माधव मोहे उबारो | झूठी माया मन बहकाए, चंचल चित ये ठौर न पाए मन से शूल निकारो.... अब कै माधव मोहे उबारो | अंत समय जब सांस रुकेगी, नजर तुम्हारी राह तकेगी, संग न  कोई हमारो .... अब कै माधव मोहे उबारो | ~राहुल  --------------------------

लड्डू गोपाल गीत

  (Verse 1 - स्वागत) है अभिनन्दन, शत शत वंदन, हे वासुनन्दन, आओ पधारो। बंसी की तानों संग कान्हा, उर आनंद अनंत उतारो ॥ (Verse 2 - जन्म का उल्लास) नंद भवन में गूंजे बधाइयाँ, पुरजन गावें गीत चौपाइयां  सज गए द्वारे  चौक चौबारे जय हो जय हो भाग हमारे! सूरज दमके रजनी सुहाये  धरती झूमे नभ मुस्काये गोकुल आए कान्हा प्यारे  जय  हो जय हो भाग हमारे! बाल रूप शोभा अति प्यारी  मन  भावन गूंजे किलकारी  मात यशोदा नजर उतारे  मन ही मन वो जाए निहारे  जग के दाता पालनहारे  जय  हो जय हो भाग हमारे! (Chorus) ------------------------- सज गई गोकुल की गलियाँ सारी  जन मन में खुशियों की फुलवारी  गाएं बृजवासी मंगल गान  कान्हा गोकुल की शान ... सखियाँ झूला झुलावे माखन का भोग लगावें  यशोदा रखे सबका मान  कान्हा गोकुल की शान... ------------------------- (Verse 3 - कान्हा की छवि) ग्वालिन संग गोपाल भी आए, ग्वाले नाचें और हर्षाए  आरती सब स-मोद उतारें  जय  हो जय हो भाग हमारे! माथे मोर मुकुट अति शोभे, एक दरस को नैनन  लोभे...