20220318

 आज होली है। तुम सुबह 7 बजे उठ गए आज। काल शाम market से रंग और पिचकारी खरीद कर लाये। पिचकारी आते ही तुमने पिचकारी में पानी भर कर खेलना शुरू कर दिया। सब के ऊपर पिचकारी से पानी डाला। सारा फर्श गीला कर दिया। आज भी उठते ही तुम्हारा होली खेलने का excitement खूब था। सुबह सुबह मंदिर के बाहर से राम डोल समिति की होली रैली निकलनी थी, तो ढोल बज रहे थे। loud speaker पर गाने बज रहे थे और इन सब की आवाज ने तुम्हे और मुझे 7 बजे उठने पर मजबूर कर दिया।

मोहल्ले के बच्चे हमारे घर के बाहर 7 बजे से ही होली खेल रहे थे। तुमने भी काफी जिद की बाहर जाने की। लेकिन मैंने नही जाने दिया क्योंकि अभी तुम ज्यादा छोटे हो। वर्ना वे सब तुम्हे रंग सकते हैं। किसी तरह से तुम्हे 8 बजे तक रोक के रख लेकिन तुम्हारी जिद के आगे सब fail। तुम्हे छत पर ले कर होली खेलना start किया। फिर मोहल्ले के सारे बच्चे छत पर इकट्ठा हुए और तुमने बहुत होली खेली। पिचकारी की उपयोगिता थोड़ी ही देर में समाप्त हो गयी जब तुमने पाइप और मग से ही होली खेलना एक बेहरत option समझा। 11 बजे तक तुम पानी मे भीगते रहे और तुम्हे ठंड लगने लगी थी। कांप रहे थे तुम। फिर हमने होली खेलना बैंड किया और तुम्हे गर्म पानी से नहलाया।

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